कांग्रेस विधायक ने निकाय चुनाव की तारीख बदलने की मांग की, कलेक्टर को लिखा पत्र; बोले- रूणिचा मेले के कारण मतदान प्रभावित होगा
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद अब चुनाव की तारीख को लेकर भी आपत्ति सामने आने लगी है। कांग्रेस विधायक ने कलेक्टर को पत्र लिखकर निकाय चुनाव की तारीख में बदलाव करने की मांग की है। विधायक का कहना है कि चुनाव की तारीख रूणिचा मेले के दौरान पड़ रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग मेले में शामिल होने के लिए दूसरे स्थानों पर रहेंगे और मतदान के दिन अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने नहीं पहुंच पाएंगे।
विधायक ने पत्र में प्रशासन से चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है, इसलिए ऐसी तारीख तय की जानी चाहिए, जिससे मतदाताओं को मतदान का पर्याप्त अवसर मिल सके।
रूणिचा मेले का दिया हवाला
विधायक के मुताबिक, रूणिचा मेला क्षेत्र का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल होते हैं। कई लोग मेले की तैयारियों और धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं।
ऐसे में यदि निकाय चुनाव की तारीख मेले के आसपास या उसी दौरान रहती है तो मतदाताओं की मौजूदगी प्रभावित हो सकती है। विधायक ने इसी आधार पर चुनाव की तारीख बदलने का अनुरोध किया है।
कलेक्टर को भेजा पत्र
कांग्रेस विधायक ने अपनी मांग को लेकर जिला कलेक्टर को पत्र भेजा है। पत्र में चुनाव की तारीख पर पुनर्विचार करने और मतदान के लिए ऐसी तारीख निर्धारित करने की मांग की गई है, जब क्षेत्र के अधिकतर मतदाता अपने शहर और वार्ड में मौजूद रहें।
विधायक ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मतदान प्रतिशत बेहतर रखने के लिए प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखना चाहिए।
मतदान प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका
विधायक का कहना है कि मेले के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर रह सकते हैं। इससे मतदान प्रतिशत कम होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस पहलू को गंभीरता से लेने की अपील की है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और चुनाव से जुड़े अधिकारी विधायक की मांग पर क्या निर्णय लेते हैं। चुनाव कार्यक्रम में बदलाव होगा या नहीं, यह संबंधित निर्वाचन प्राधिकरण के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
निकाय चुनाव की तारीख को लेकर उठी इस आपत्ति ने स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों के बीच एक नया मुद्दा जोड़ दिया है। अब प्रशासन के जवाब पर सभी की नजर है।

