गोवर्धन पूजा को लेकर असमंजस: दो दिन मनाई जाएगी पर्व की तिथि? जानें दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त और राशि के अनुसार क्या खरीदना रहेगा शुभ
दीपावली और गोवर्धन पूजा की तिथियों को लेकर इस बार ज्योतिषाचार्यों के बीच अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। गोवर्धन पूजा दो दिन मनाए जाने की चर्चा के कारण श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति है। वहीं दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त को लेकर भी लोग जानकारी जुटा रहे हैं। त्योहार के दौरान खरीदारी को शुभ बनाने के लिए राशि के अनुसार वस्तुएं खरीदने की परंपरा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर अलग-अलग राय
हिंदू पंचांग के अनुसार गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा का विशेष महत्व माना जाता है। अन्नकूट का आयोजन भी इसी अवसर पर किया जाता है।
हालांकि, तिथि और उदया तिथि की गणना के आधार पर अलग-अलग ज्योतिषाचार्यों की राय अलग हो सकती है। इसी वजह से गोवर्धन पूजा दो दिन होने को लेकर चर्चा बनी हुई है। श्रद्धालुओं को अपने क्षेत्र के पंचांग और स्थानीय विद्वानों की सलाह के अनुसार पूजा का समय तय करना चाहिए।
दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
दीपावली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि प्रदोष काल और स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहता है। पूजा के दौरान घर की साफ-सफाई, दीप प्रज्वलन और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजन किया जाता है।
हालांकि, इस बार दीपावली के सटीक पूजा मुहूर्त का समय उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए श्रद्धालुओं को स्थानीय पंचांग के अनुसार ही पूजा का समय निर्धारित करना चाहिए।
राशि के अनुसार खरीदारी का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में राशि के अनुसार खरीदारी को शुभ माना जाता है। दीपावली के अवसर पर लोग सोना-चांदी, बर्तन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर की उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं। मान्यता है कि अपनी राशि के अनुकूल वस्तुओं की खरीदारी करने से सुख-समृद्धि आती है।
हालांकि, सभी 12 राशियों के लिए कौन-सी वस्तु खरीदना शुभ रहेगा, इसका विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इसलिए किसी विशेष राशि के लिए वस्तु बताना उचित नहीं होगा।
त्योहार पर पूजा और खरीदारी से जुड़ी मान्यताएं
दीपावली केवल रोशनी और खुशियों का पर्व नहीं है, बल्कि इसे सुख-समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन घरों में दीप जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी से परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।
गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट और गौ-पूजन की परंपरा है। वहीं राशि के अनुसार खरीदारी को लेकर भी लोगों में उत्सुकता रहती है। पूजा और खरीदारी के लिए तिथि, मुहूर्त और राशि से जुड़ी जानकारी लेते समय प्रमाणित पंचांग का ध्यान रखना जरूरी है।

