पश्चिमी विक्षोभ के असर के बाद लौटी शीतलहर, कोटा में घना कोहरा और सर्द हवाओं से जनजीवन प्रभावित
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होते ही राजस्थान में शीतलहर ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। तापमान में गिरावट के साथ ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने सर्दी का असर बढ़ा दिया है। खासकर कोटा शहर में सर्द मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। सुबह और रात के समय ठिठुरन इतनी बढ़ गई है कि लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
मंगलवार देर रात से ही कोटा में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। बुधवार सुबह सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। कोहरे के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के हटने के बाद उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। कोटा सहित आसपास के क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
ठंडी हवाओं के चलते सुबह-शाम बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम नजर आ रही है। चाय की थड़ियों और अलाव के आसपास लोग ठंड से राहत लेते दिखाई दे रहे हैं। खासकर बुजुर्ग और बच्चे सर्दी से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और संतुलित आहार लेने की जरूरत है।
वहीं प्रशासन ने भी कोहरे के मद्देनजर वाहन चालकों को सावधानी बरतने की अपील की है। हाईवे और प्रमुख मार्गों पर धीमी गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
स्पष्ट है कि शीतलहर की वापसी ने कोटा सहित पूरे प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ा दिया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहकर मौसम के अनुरूप अपनी दिनचर्या में बदलाव करना होगा, ताकि ठंड के प्रकोप से बचा जा सके।

