उत्तर भारत में बढ़ी ठंड और कोहरे की मार, राजस्थान में विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम
उत्तर भारत में ठंड का कहर लगातार जारी है और गुरुवार को ठिठुरन और भी बढ़ गई। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के साथ घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई क्षेत्रों में दृश्यता (विजिबिलिटी) 30 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी प्रभावित हुई और यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सर्दी और कोहरे का असर रेल यातायात पर भी देखा गया। कई ट्रेनें अपने तय समय से 1 से 3 घंटे तक देरी से चल रही हैं। यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा और उनके सफर में असुविधा उत्पन्न हुई। रेल प्रशासन ने यात्रीगणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
मौसम विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए शुक्रवार के लिए राज्य के 16 जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि इन जिलों में सुबह और देर शाम वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सड़कों पर धीमी गति से वाहन चलाने, हेडलाइट चालू रखने और ट्रक व बड़ी गाड़ियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
शहरवासियों ने सुबह के समय गाड़ियों की धीमी चाल और कम विजिबिलिटी के कारण आवागमन में मुश्किलों की शिकायत की। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सर्दी से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि सुबह और शाम के समय अनावश्यक बाहर जाने से बचें और गर्म कपड़े पहनें।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक ठंड और कोहरे का प्रभाव जारी रहेगा। तापमान में गिरावट और विजिबिलिटी में कमी के चलते आमजन को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने भी स्कूलों और आवश्यक सेवाओं के संचालन में लापरवाही न करने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान में ठंड और कोहरे की यह स्थिति जनजीवन प्रभावित कर रही है, लेकिन प्रशासन और मौसम विभाग के सतर्क कदमों से लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।

