राजस्थान यूनिवर्सिटी पर कॉकरोच जनता पार्टी का अल्टीमेटम: वीडियो में जाने 3 महीने में सुधार नहीं हुआ तो कुलगुरु के इस्तीफे को लेकर आंदोलन
राजस्थान विश्वविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर अब राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राज्य सरकार को तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि इस बार केवल बातचीत नहीं, बल्कि सीधे एक्शन की रणनीति अपनाई जाएगी। मंगलवार को आशुतोष रांका राजस्थान विश्वविद्यालय पहुं, जहां उन्होंने छात्र नेताओं और आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
कुलगुरु के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी
आशुतोष रांका ने कहा कि यदि अगले तीन महीनों में राजस्थान विश्वविद्यालय की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उनकी पार्टी कुलगुरु के इस्तीफे की मांग को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा हो रही है और छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
छह दिन से भूख हड़ताल पर छात्र
विश्वविद्यालय के छात्र शुभम पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रांका ने उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आंदोलन को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सरकार को जल्द सकारात्मक पहल करनी चाहिए, ताकि आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।
छात्रसंघ चुनाव कराने की उठाई मांग
रांका ने छात्रसंघ चुनावों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है और लंबे समय से चुनाव नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों में छात्रों को अपना नेतृत्व चुनने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार को इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेकर छात्रसंघ चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए।
राजस्थानी भाषा को सम्मान दिलाने की मांग
अपने संबोधन में आशुतोष रांका ने राजस्थानी भाषा के संरक्षण और सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में ही राजस्थानी भाषा को पर्याप्त महत्व नहीं मिलेगा, तो राष्ट्रीय स्तर पर इस भाषा को पहचान दिलाने का प्रयास कमजोर पड़ जाएगा।उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पाठ्यक्रम, शोध और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में राजस्थानी भाषा को अधिक स्थान देने की मांग की।
सरकार के जवाब का इंतजार
रांका ने कहा कि उनकी पार्टी छात्र हितों के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रहेगी और यदि निर्धारित समय में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों तथा राजनीतिक दबाव पर क्या रुख अपनाते हैं।

