CM भजनलाल शर्मा का बड़ा एक्शन, वीडियो में जाने महिला जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड; दो RPS, एक IAS और डॉक्टर पर भी कार्रवाई
राजस्थान में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। विभिन्न मामलों में मिली शिकायतों के आधार पर मुख्यमंत्री ने जयपुर महिला बंदी सुधार गृह की डिप्टी सुपरिटेंडेंट सरोज विश्नोई को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही दो RPS अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, एक IAS अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी और एक डॉक्टर की सेवा समाप्त करने का भी फैसला लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की कानून-व्यवस्था को लेकर हुई समीक्षा बैठक के अगले ही दिन सामने आई है।
महिला जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड
जयपुर स्थित महिला बंदी सुधार गृह की डिप्टी सुपरिटेंडेंट सरोज विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय भरतपुर किया गया है।उनके खिलाफ शिकायतें मिली थीं कि वह एक महिला बंदी को अपने साथ रखती थीं और उसे कार्यालय के कार्यों में कर्मचारियों की तरह हस्तक्षेप करने की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा आरोप यह भी हैं कि नियमों के विपरीत बंदियों को कथित तौर पर पैसे लेकर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं।
इन शिकायतों को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने निलंबन की कार्रवाई को मंजूरी दी।
दो RPS अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने दो राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की अनुमति दी है। इन अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही और शिकायतों के आधार पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के नाम और आरोपों का विस्तृत विवरण आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है।
IAS अधिकारी के खिलाफ भी मंजूरी
सरकार ने एक IAS अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मंजूरी दी है। आरोप है कि सरकारी बेशकीमती जमीन को नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया अपनाने के बजाय कथित रूप से मनमाने तरीके से आवंटित किया गया। इस मामले में आगे विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक डॉक्टर की सेवा समाप्त
मुख्यमंत्री ने एक डॉक्टर को भी सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी है। यह कार्रवाई भी विभागीय जांच और शिकायतों के आधार पर की गई है।
जवाबदेही पर सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से लगातार प्रशासनिक जवाबदेही और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है। हालिया कार्रवाई को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि ड्यूटी में लापरवाही, भ्रष्टाचार या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सरकार का कहना है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

