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पटवार भर्ती परीक्षा में चीटिंग मामला, वीडियो में जाने एसओजी ने मूल और डमी कैंडिडेट को किया गिरफ्तार

पटवार भर्ती परीक्षा में चीटिंग मामला, वीडियो में जाने एसओजी ने मूल और डमी कैंडिडेट को किया गिरफ्तार

राजस्थान में पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में बड़े पैमाने पर चीटिंग मामले का खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शुक्रवार को इस मामले में मूल कैंडिडेट और डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को दबिश देकर पकड़ा गया और दोपहर को कोर्ट में पेश कर उन्हें तीन दिन के रिमांड पर लिया गया।

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार मूल कैंडिडेट गीतेश जादौन (28) निवासी खैरिया पुरोहित, कोतवाली डीग और डमी कैंडिडेट नीरज कुमार (30) निवासी बहज डीग हैं। दोनों के खिलाफ पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में चीटिंग और धांधली के आरोप हैं।

एसओजी ने बताया कि इस मामले में अक्टूबर 2024 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद लंबी और गहन जांच के बाद एसओजी टीम ने आरोपी कैंडिडेट्स को दबिश देकर गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई परीक्षा में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में ऐसे मामले न केवल उम्मीदवारों की मेहनत पर असर डालते हैं, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हैं। इसलिए एसओजी जैसी विशेष जांच एजेंसियों द्वारा की गई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एसओजी ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूरी जानकारी और सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चीटिंग में किस प्रकार का नेटवर्क शामिल था और क्या कोई अन्य व्यक्ति या एजेंट इस मामले में संलिप्त है। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।

यह मामला पटवार भर्ती परीक्षा-2021 से जुड़ा हुआ है, जो राजस्थान में ग्राम स्तर पर पटवारियों की नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। लाखों उम्मीदवारों के बीच इस भर्ती परीक्षा का महत्व काफी अधिक होता है, और ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता समाज और सरकारी सिस्टम के लिए चिंता का विषय बन जाती है।

एसओजी ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ और जांच जारी है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि तीन दिन के रिमांड में मामले की पूरी जानकारी और अन्य संदिग्धों की पहचान हो जाएगी। इसके बाद आरोपी उम्मीदवारों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य उम्मीदवारों को भी सावधानी बरतने और परीक्षा में निष्पक्षता बनाए रखने का संदेश जाएगा। साथ ही यह भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पटवार भर्ती परीक्षा में इस तरह की चीटिंग और डमी उम्मीदवारों का मामला राज्य की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। एसओजी द्वारा की गई गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया है कि अब परीक्षा में धांधली करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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