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कल से शुरू होगी चारधाम यात्रा, वीडियो में जानें कैसे पहुंचे, कहां रुकें, खर्च से लेकर गाइडलाइन तक सब कुछ 

उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों की यात्रा, जिसे चारधाम यात्रा के नाम से जाना जाता है, 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यह यात्रा 6 नवंबर तक चलेगी, और हर साल लाखों श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों पर पहुंचकर आस्था की यात्रा करते हैं। इस साल यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल से होगी, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी।

इस साल, यात्रा के दौरान, सबसे पहले 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे, 2 मई को केदारनाथ धाम और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। खास बात यह है कि यात्रा की तैयारियों के बीच, 29 अप्रैल को मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी, जो कि एक धार्मिक और पारंपरिक रस्म का हिस्सा है।

राज्य सरकार और तीर्थयात्रा प्राधिकरण ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब तक 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पूरी कर ली है, जिससे यह साबित होता है कि इस साल भी यात्रा में भारी श्रद्धालुओं की संख्या हो सकती है।

तीर्थयात्रियों के लिए इंतजाम:
सरकार ने इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए विशेष सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की है। श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ और असुविधा से बचा जा सके। तीर्थयात्री यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति और अन्य अपडेट्स के लिए ऐप और वेबसाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

विशेष तैयारियां:

  • सुरक्षा: यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के यात्रा कर सकें।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: चिकित्सीय केंद्र और मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके।

  • यातायात: यात्रा मार्गों पर यातायात के लिए सड़कों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और विशेष बस सेवाएं भी शुरू की गई हैं।

विशेष संदेश:
उत्तराखंड सरकार ने इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा और सुविधा मिलेगी, ताकि वे शांतिपूर्वक और सुखद अनुभव के साथ धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

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