राजस्थान में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान ने जनजीवन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी प्रभावित किया है।
तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर फसलें गिर गईं और खेतों में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
किसानों का कहना है कि मौसम में अचानक आए इस बदलाव से उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। ओलों के कारण फसलों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा, जिससे बाजार में दाम मिलने की संभावना कम हो सकती है।
तेज आंधी से कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात और सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुईं, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण हुआ है और आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। विभाग ने किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को उचित मुआवजा और राहत मिल सके।
कुल मिलाकर, बदले मौसम ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और आने वाले दिनों में स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

