चैत्र नवरात्रि में आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम, मां अर्बुदा के दरबार में भालुओं की ‘हाजिरी’ चर्चा में
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में इन दिनों आस्था और प्रकृति का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां देशभर से श्रद्धालु मां अर्बुदा के दर्शन के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं, वहीं वन्यजीवों की उपस्थिति भी लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों से रोजाना सुबह और शाम पांच भालू नियमित रूप से मां अर्बुदा के मंदिर परिसर के आसपास दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य भक्तों के लिए आश्चर्य और आस्था का अनोखा अनुभव बन गया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भालुओं का इस तरह शांतिपूर्वक मंदिर क्षेत्र में आना और कुछ समय रुककर वापस जंगल की ओर लौट जाना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। कई लोग इसे मां अर्बुदा की कृपा और आशीर्वाद से जोड़कर देख रहे हैं।
वहीं वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह क्षेत्र पहले से ही जंगल और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के करीब है, इसलिए भोजन और पानी की तलाश में भालुओं की आवाजाही संभव है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें।
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर क्षेत्र और आसपास के मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
माउंट आबू का यह अनोखा दृश्य अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है, जहां लोग इसे “आस्था और प्रकृति का संगम” बताते हुए साझा कर रहे हैं।
फिलहाल, माउंट आबू में श्रद्धा और प्राकृतिक जीवन का यह अद्भुत मेल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जो इसे और भी खास बना रहा है।

