Samachar Nama
×

जयपुर में सदियों पुरानी परंपरा, चांदपोल बाजार के प्रवेश द्वार पर होती है यमराज की पूजा

जयपुर में सदियों पुरानी परंपरा, चांदपोल बाजार के प्रवेश द्वार पर होती है यमराज की पूजा

दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व में धनतेरस का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन घरों में यमदीप जलाकर अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना की जाती है। वहीं, गुलाबी नगरी जयपुर में यमराज की पूजा से जुड़ी एक अनूठी और ऐतिहासिक परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। शहर के चांदपोल बाजार के मुख्य प्रवेश द्वार पर यमराज की पूजा की जाती है। दीपावली के अवसर पर इस परंपरा के जरिए लोग यमराज से परिवार की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करते हैं।

चांदपोल बाजार से जुड़ी है खास परंपरा

जयपुर की पहचान केवल उसके ऐतिहासिक महलों, हवेलियों और बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी शहर को अलग पहचान देती हैं। चांदपोल बाजार के मुख्य प्रवेश द्वार पर यमराज की पूजा इसी विरासत का हिस्सा मानी जाती है।

धनतेरस के दिन देशभर में लोग घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमदीप जलाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। जयपुर में यमराज की पूजा की परंपरा इसी आस्था से जुड़ी हुई है।

धनतेरस पर यमदीप जलाने का महत्व

हिंदू धर्म में धनतेरस को यम दीपदान के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार, इस दिन शाम के समय घर के बाहर दीपक जलाकर यमराज से परिवार की रक्षा की प्रार्थना की जाती है। दीपक को दक्षिण दिशा की ओर रखने की परंपरा है, क्योंकि दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमदीप जलाने से परिवार पर आने वाले संकट टलते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। इसी विश्वास के चलते धनतेरस पर लोग विशेष रूप से यमराज का स्मरण करते हैं।

जयपुर की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा

चांदपोल बाजार के प्रवेश द्वार पर यमराज की पूजा की परंपरा जयपुर की पुरानी धार्मिक मान्यताओं और लोक आस्था को दर्शाती है। दीपावली के दौरान यह परंपरा शहर की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने लाती है।

हालांकि, इस परंपरा की शुरुआत कब हुई और पूजा के दौरान कौन-कौन सी विशेष धार्मिक विधियां अपनाई जाती हैं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन तथ्यों के बिना इसके इतिहास या पूजा-विधान के बारे में निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

Share this story

Tags