वाणिज्यिक एलपीजी की कमी पर केंद्र की बैठक, होटल और पर्यटन उद्योग पर असर को लेकर चर्चा
देश में वाणिज्यिक रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर सामने आ रही चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में वाणिज्यिक एलपीजी की मौजूदा स्थिति और उसके होटल तथा पर्यटन उद्योग पर पड़ रहे प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि कारोबारियों और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक के बाद गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि होटल और पर्यटन उद्योग देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इसलिए इसकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गैस आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
शेखावत ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि होटल और पर्यटन उद्योग को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकें।
बैठक में अधिकारियों ने एलपीजी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में मांग की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके आधार पर यह तय किया गया कि जहां भी आपूर्ति में असंतुलन की स्थिति बन रही है, वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा लॉजिस्टिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और वितरण प्रणाली को और प्रभावी करने पर भी चर्चा हुई।
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने हाल के दिनों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि यदि गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय पर पड़ सकता है।
केंद्र सरकार का कहना है कि इन चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित मंत्रालय मिलकर स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गैस आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में कमी की स्थिति पैदा न हो।
सरकार का मानना है कि पर्यटन और आतिथ्य उद्योग देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों को आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर आने वाले समय में गैस आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

