एक चौंकाने वाली घटना में थाने के ठीक बाहर मुख्य सड़क पर दो सांडों के बीच जमकर भिड़ंत हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह पूरी घटना राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए दहशत का कारण बन गई, जबकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को संभालने की बजाय कुछ समय तक केवल देखते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांड अचानक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते उनके बीच जोरदार संघर्ष शुरू हो गया। सड़क के बीचों-बीच हुई इस भिड़ंत में दोनों सांड एक-दूसरे को धक्का देते, सींग भिड़ाते और सड़क पर दौड़ते नजर आए। इस दौरान राहगीरों और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
घटना के चलते सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहन चालकों ने अपने वाहन रोक दिए और सुरक्षित दूरी बनाकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करने लगे। कुछ लोग दहशत में वहां से वापस लौट गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को उजागर करती हैं। आए दिन सड़कों पर घूमते मवेशी न केवल यातायात को प्रभावित करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिसकर्मी काफी देर तक स्थिति को देखते रहे, जबकि भीड़ और वाहनों को नियंत्रित करने या सांडों को हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई नहीं की गई।
कुछ समय बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मदद से स्थिति को शांत करने का प्रयास किया गया, जिसके बाद दोनों सांड वहां से हट गए और यातायात सामान्य हो सका।
इस घटना ने एक बार फिर शहरों और कस्बों में आवारा पशुओं की समस्या और उसके समाधान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

