मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग विवाद: 33 छात्रों के निलंबन के बाद कैंपस में उग्र तोड़फोड़
मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र रूप ले लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 30 कश्मीरी छात्रों समेत कुल 33 विद्यार्थियों को निलंबित किए जाने के बाद कैंपस में जमकर तोड़फोड़ की गई। इस घटना ने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, विवाद का मूल कारण बीएससी नर्सिंग को मिलने वाली मान्यता और छात्रों के दाखिले से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि नियमों का पालन न करने और फीस भुगतान तथा दस्तावेजों की शर्तों को पूरा न करने के कारण यह कदम उठाया गया। हालांकि, छात्रों और उनके परिवारों का कहना है कि निलंबन अनुचित और असमान व्यवहार का परिणाम है।
निलंबन के बाद छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया और कक्षाओं के फर्नीचर तोड़ दिया। प्रशासन ने तुरंत पुलिस और सुरक्षा बलों को मौके पर बुलाया, ताकि स्थिति नियंत्रण में लाई जा सके।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि छात्रों के व्यवहार ने परिसर में शांति भंग की और गंभीर स्थिति पैदा की। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और अपनी समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से करें। प्रशासन ने कहा कि निलंबन को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया है और विवाद का समाधान जल्द किया जाएगा।
छात्रों के परिजन और छात्र संगठन इस कदम के विरोध में खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि निलंबन से उनके भविष्य पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि सभी छात्रों को बहाल किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का कहना है कि विश्वविद्यालय में मान्यता और दाखिले जैसे संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता और संवाद बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सलाह दी कि प्रशासन और छात्र संगठन के बीच वार्ता के माध्यम से ही इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए।
स्थानीय पुलिस ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए परिसर और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि आवश्यकतानुसार और कदम उठाए जाएंगे, ताकि छात्रों और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस घटना ने न केवल विश्वविद्यालय में बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे विवादों से छात्रों के शैक्षणिक माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और छात्रों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी के बीएससी नर्सिंग विवाद ने छात्रों, प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच तनाव बढ़ा दिया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा और कैंपस में शांति बहाल होगी।

