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ब्रेस्ट कैंसर की जांच होगी आसान, जयपुरिया अस्पताल में लगेगी डिजिटल मेमोग्राफी मशीन; 10 मिनट में होगी स्क्रीनिंग

ब्रेस्ट कैंसर की जांच होगी आसान, जयपुरिया अस्पताल में लगेगी डिजिटल मेमोग्राफी मशीन; 10 मिनट में होगी स्क्रीनिंग

ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही महिलाओं और समय पर बीमारी की पहचान को लेकर राहत की खबर सामने आई है। राजधानी जयपुर के जयपुरिया अस्पताल में जल्द ही अत्याधुनिक डिजिटल मेमोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी। इस मशीन के शुरू होने के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच तेज और अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी। मरीजों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया महज करीब 10 मिनट में पूरी हो जाएगी।

आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज से जुड़े जयपुरिया अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में यह मशीन सांसद कोटे से मिलने वाली राशि से खरीदी जा रही है। मशीन की खरीद पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मशीन स्थापित होने के बाद यहां आने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और शुरुआती चरण में बीमारी का पता लगाने में मदद मिलेगी।

जयपुर में तीसरी आधुनिक डिजिटल मेमोग्राफी मशीन होगी

जयपुर में फिलहाल डिजिटल मेमोग्राफी की सुविधा सीमित केंद्रों पर उपलब्ध है। एसएमएस अस्पताल और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, प्रताप नगर के बाद जयपुरिया अस्पताल ऐसा तीसरा सरकारी अस्पताल होगा, जहां यह आधुनिक मशीन उपलब्ध होगी। इससे शहर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को भी बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी।

शुरुआती जांच से बढ़ेगा इलाज का असर

चिकित्सकों के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर का समय पर पता लगना इलाज की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। डिजिटल मेमोग्राफी तकनीक की मदद से स्तन में होने वाले छोटे बदलावों और गांठों की पहचान आसानी से की जा सकती है।

पुरानी तकनीक की तुलना में डिजिटल मेमोग्राफी में तस्वीरें अधिक स्पष्ट होती हैं, जिससे डॉक्टरों को बीमारी का सही आकलन करने में मदद मिलती है। खासतौर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम वाली महिलाओं के लिए यह जांच काफी उपयोगी मानी जाती है।

मरीजों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

जयपुरिया अस्पताल में डिजिटल मेमोग्राफी मशीन शुरू होने के बाद ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मरीजों को निजी केंद्रों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन की योजना है कि मशीन को जल्द से जल्द स्थापित कर जांच सुविधा शुरू की जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को किसी भी तरह के असामान्य लक्षण जैसे स्तन में गांठ, आकार में बदलाव, दर्द या त्वचा में बदलाव नजर आने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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