बिहार बना फिल्म शूटिंग का नया हब, 45 फिल्मों को मिली मंजूरी; कई भाषाओं में बनेंगी फिल्में
बिहार अब तेजी से फिल्म निर्माण और शूटिंग के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार की नई फिल्म नीति और प्रशासनिक सहयोग के चलते यहां फिल्म इंडस्ट्री का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में राज्य में 45 फिल्मों को शूटिंग और निर्माण की आधिकारिक मंजूरी दी गई है, जिससे फिल्म जगत में बिहार को लेकर उत्साह बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार, मंजूरी प्राप्त इन फिल्मों का निर्माण हिंदी के साथ-साथ भोजपुरी, मगही, मैथिली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा। इसके अलावा कुछ प्रोजेक्ट्स ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए भी तैयार किए जा रहे हैं। फिल्म निर्माताओं का कहना है कि बिहार की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक लोकेशन्स शूटिंग के लिए बेहद आकर्षक हैं।
राज्य सरकार द्वारा फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे शूटिंग परमिशन और अन्य औपचारिकताओं में तेजी आई है। इस व्यवस्था के तहत फिल्म निर्माताओं को अब अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि बिहार में शूटिंग के लिए राजगीर, बोधगया, नालंदा, वाल्मीकिनगर, पटना और मिथिलांचल क्षेत्र सबसे पसंदीदा स्थान बनते जा रहे हैं। इन जगहों की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व फिल्म निर्माताओं को खासा आकर्षित कर रहा है।
राज्य सरकार का दावा है कि फिल्म नीति 2024 के लागू होने के बाद से बिहार में फिल्म शूटिंग की गतिविधियों में तेजी आई है। इसके तहत स्थानीय कलाकारों को भी रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। छोटे शहरों और गांवों के कलाकार अब बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय प्रतिभा को भी मंच मिल रहा है।
फिल्म निर्माता संगठनों का कहना है कि बिहार में शूटिंग करना अब पहले की तुलना में काफी आसान और सुरक्षित हो गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और सहयोग मिलने से बाहरी राज्यों के निर्माता भी यहां शूटिंग करने में रुचि दिखा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो सकता है। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि बिहार में पहले भी कई फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हो चुकी है, लेकिन अब जिस पैमाने पर परियोजनाएं स्वीकृत हो रही हैं, वह राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
फिलहाल 45 फिल्मों को मंजूरी मिलना इस बात का संकेत है कि फिल्म इंडस्ट्री का भरोसा बिहार पर लगातार मजबूत हो रहा है। आने वाले समय में यहां और भी बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य की पहचान एक नए फिल्म हब के रूप में और मजबूत होगी।

