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FMGE परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: कूटरचित प्रमाण-पत्र बनाकर ‘डॉक्टर’ बना रहा था गिरोह, एसओजी की कार्रवाई

FMGE परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: कूटरचित प्रमाण-पत्र बनाकर ‘डॉक्टर’ बना रहा था गिरोह, एसओजी की कार्रवाई

विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) की स्क्रीनिंग टेस्ट पास कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का राज्य स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कूटरचित प्रमाण-पत्र तैयार कर विदेश से एमबीबीएस कर लौटे अभ्यर्थियों को अवैध रूप से ‘डॉक्टर’ बनाने का काम कर रहा था।

एसओजी अधिकारियों के अनुसार, गिरोह लंबे समय से अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल रहा था। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और प्रमाण-पत्र तैयार कर ऐसे अभ्यर्थियों को पात्र दिखाया, जिन्होंने स्क्रीनिंग टेस्ट पास ही नहीं किया था। इन फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करने की अनुमति दिलाने की कोशिश की जा रही थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। इसमें दस्तावेज तैयार करने वाले, संपर्क कराने वाले एजेंट और अभ्यर्थियों से सौदा तय करने वाले लोग शामिल थे। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

एसओजी ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज, कंप्यूटर, प्रमाण-पत्रों की कॉपियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क सामने आ सके।

एफएमजीई परीक्षा विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर आए छात्रों के लिए अनिवार्य होती है। इसे पास किए बिना भारत में चिकित्सकीय प्रैक्टिस की अनुमति नहीं मिलती। ऐसे में इस तरह का फर्जीवाड़ा सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है।

एसओजी अधिकारियों ने बताया कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया है, उनकी भी भूमिका की जांच की जा रही है।

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