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जयपुर रेंज पुलिस का बड़ा डिजिटल नवाचार, फुटेज में देंखे Google Maps पर मिलेंगे ब्लैक स्पॉट के अलर्ट

जयपुर रेंज पुलिस का बड़ा डिजिटल नवाचार, फुटेज में देंखे Google Maps पर मिलेंगे ब्लैक स्पॉट के अलर्ट

 

सड़क हादसों और उनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन सेफर रोड’ के तहत एक अनूठी डिजिटल पहल शुरू की है। इस पहल के तहत जयपुर रेंज के नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट को Google Maps से जोड़ा गया है। अब इन ब्लैक स्पॉट के आसपास पहुंचते ही Google Maps का इस्तेमाल कर रहे वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से जुड़ा अलर्ट मिलेगा। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को पहले ही सतर्क करना है, ताकि वे समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकें और सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।

ब्लैक स्पॉट पर पहुंचने से पहले मिलेगा अलर्ट

पुलिस की इस पहल के तहत हाईवे पर ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां पिछले वर्षों में लगातार सड़क हादसे हुए हैं या हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। इन स्थानों को डिजिटल मैपिंग के जरिए Google Maps से जोड़ा गया है।

जब कोई वाहन चालक Google Maps के जरिए संबंधित मार्ग पर सफर कर रहा होगा और उसका वाहन चिन्हित ब्लैक स्पॉट के नजदीक पहुंचेगा, तो उसे सड़क सुरक्षा अलर्ट मिलने की व्यवस्था की गई है। चेतावनी मिलने के बाद चालक अपनी गति कम कर सकता है और सड़क की परिस्थितियों को देखते हुए अधिक सतर्कता से वाहन चला सकता है।

तीन साल के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण

जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करने के लिए पिछले तीन वर्षों के सड़क हादसों और उनमें हुई मौतों के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण के आधार पर ऐसे स्थानों की पहचान की गई, जहां दुर्घटनाओं का खतरा अधिक है।पुलिस का मानना है कि केवल ब्लैक स्पॉट की पहचान कर लेने से सड़क हादसों को पूरी तरह कम नहीं किया जा सकता। इसलिए तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वाहन चालकों को हादसे से पहले ही चेतावनी देने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।

हादसे से पहले सावधान करने की कोशिश

आईजी राहुल प्रकाश के मुताबिक, इस पहल का मकसद सिर्फ दुर्घटना संभावित स्थानों की सूची तैयार करना नहीं है, बल्कि तकनीक के माध्यम से हादसे से पहले वाहन चालकों को सतर्क करना है। अलर्ट मिलने पर चालक अपनी रफ्तार कम कर सकते हैं और सड़क पर मौजूद संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए ड्राइविंग कर सकते हैं।जयपुर रेंज पुलिस की इस पहल को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि समय रहते मिलने वाली डिजिटल चेतावनी से वाहन चालकों का व्यवहार बदलेगा और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में हादसों और जनहानि को कम करने में मदद मिलेगी।

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