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श्रीगंगानगर बॉर्डर पर 7.75 किलो RDX ड्रॉपिंग के पीछे बड़ी साजिश का खुलासा, पंजाब में धमाके की थी योजना

श्रीगंगानगर बॉर्डर पर 7.75 किलो RDX ड्रॉपिंग के पीछे बड़ी साजिश का खुलासा, पंजाब में धमाके की थी योजना

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर राजस्थान के श्रीगंगानगर क्षेत्र में 12 अक्टूबर को हुई 7.75 किलो आरडीएक्स की ड्रॉपिंग के मामले में पाकिस्तान की बड़ी साजिश की आशंका सामने आई है। भास्कर की पड़ताल के अनुसार, सीमा पर गिराए गए इस विस्फोटक की डिलीवरी पंजाब में की जानी थी। आशंका जताई गई है कि इसके जरिए वहां बड़ा धमाका करने की योजना थी।

इस घटना ने राजस्थान और पंजाब से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्रोन के जरिए विस्फोटक की तस्करी की कोशिश यह संकेत देती है कि सीमा पार से भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।

सीमा पर ड्रॉप किया गया था 7.75 किलो विस्फोटक

जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को श्रीगंगानगर बॉर्डर क्षेत्र में 7.75 किलो आरडीएक्स की ड्रॉपिंग हुई थी। शुरुआती तौर पर यह मामला सीमा पार से विस्फोटक भेजने की कोशिश से जुड़ा माना गया। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस विस्फोटक को राजस्थान में किसी घटना को अंजाम देने के बजाय पंजाब तक पहुंचाने की योजना थी।

भास्कर की पड़ताल में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की ओर से भेजे गए विस्फोटक की डिलीवरी पंजाब में होनी थी। वहां बड़े धमाके की साजिश रचे जाने की आशंका है।

ड्रोन के जरिए विस्फोटक भेजने की आशंका

भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के माध्यम से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए सामान भारतीय क्षेत्र में गिराया जाता है और फिर स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से उसे आगे पहुंचाने की कोशिश की जाती है।

श्रीगंगानगर में आरडीएक्स की ड्रॉपिंग का मामला भी इसी तरह की आशंका से जुड़ा है। हालांकि, विस्फोटक किसके लिए भेजा गया था और पंजाब में इसकी डिलीवरी किस नेटवर्क के माध्यम से होनी थी, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का अहम विषय

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीमा पार से भेजे गए विस्फोटक को पंजाब तक पहुंचाने की योजना में कौन-कौन शामिल था। इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और संभावित साजिश के अन्य पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

श्रीगंगानगर बॉर्डर पर हुई इस घटना ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा और ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने की चुनौती को सामने ला दिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 7.75 किलो आरडीएक्स की डिलीवरी पंजाब में होनी थी और इसके जरिए बड़े धमाके की योजना की आशंका जताई गई है। जांच से ही साजिश के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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