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100 गाड़ियों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कूच कर रहे थे बेनीवाल, पुलिस ने टोल नाके पर रोका; हाईवे पर बैठ गए समर्थक

100 गाड़ियों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कूच कर रहे थे बेनीवाल, पुलिस ने टोल नाके पर रोका; हाईवे पर बैठ गए समर्थक

श्रीगंगानगर में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध बुधवार देर रात बड़ा आंदोलन बन गया। ग्रामीणों की मांगों के समर्थन में महापंचायत के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। काफिला आगे बढ़ा तो पुलिस ने महियावाली टोल नाके के पास चूनावढ़ थाना क्षेत्र में उसे रोक दिया। इसके बाद बेनीवाल समर्थक नेशनल हाईवे 62 पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

दरअसल, नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट का ग्रामीण पिछले करीब पांच महीने से विरोध कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को गोविंद गोधाम गौशाला परिसर में महापंचायत आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ हनुमान बेनीवाल भी पहुंचे। ग्रामीण प्लांट की प्रस्तावित जगह बदलने की मांग कर रहे हैं।

महापंचायत के दौरान बेनीवाल ने ग्रामीणों की मांगों को लेकर प्रशासन से समाधान की मांग की। बातचीत से सहमति नहीं बनने के बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने का फैसला किया। इसके बाद करीब 100 वाहनों का काफिला श्रीगंगानगर की तरफ रवाना हुआ। पुलिस ने महियावाली टोल नाके के पास काफिले को रोक दिया।

काफिला रोके जाने के बाद समर्थक हाईवे पर बैठ गए। देखते ही देखते सूरतगढ़-श्रीगंगानगर नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई वाहन जाम में फंस गए और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की गई।

ग्रामीण क्यों कर रहे हैं प्लांट का विरोध

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित प्लांट के आसपास आबादी, कृषि भूमि और गौशाला मौजूद है। गोविंद गोधाम गौशाला के पास प्लांट लगाने को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों के अनुसार गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश हैं और कचरा प्लांट से वातावरण पर असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से वे प्लांट को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।

रात करीब 2 बजे प्रशासन से हुई बातचीत

करीब चार घंटे तक हाईवे पर प्रदर्शन के बाद रात करीब 2 बजे श्रीगंगानगर एसडीएम नयन गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को जयपुर तक पहुंचाने का भरोसा दिया। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि प्लांट के मामले में गठित कमेटी दोबारा विचार करेगी।

बाद में प्रशासन ने प्रस्तावित प्लांट के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने का आश्वासन दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए करीब डेढ़ महीने का समय मांगा गया है और वैकल्पिक स्थान तलाशने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित किए जाने की बात कही गई है। आश्वासन के बाद बेनीवाल और उनके समर्थकों ने प्रदर्शन खत्म किया और हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।

दस साल में तीसरी बार बदली प्लांट की जगह

कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर विवाद काफी पुराना है। पहले प्लांट के लिए दूसरी जगह प्रस्तावित की गई थी, लेकिन स्थानीय विरोध के बाद स्थान बदलना पड़ा। नेतेवाला में भी करीब 10 साल तक प्रक्रिया चली और सरकारी मंजूरियों के साथ करीब 78 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने तथा निर्माण का ठेका जारी होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद इस साल प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में शिफ्ट करने का प्रस्ताव सामने आया।

नई जगह पर भी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। करीब पांच महीने से चल रहे आंदोलन के बाद बुधवार की महापंचायत और रात में कलेक्ट्रेट कूच की कोशिश से मामला फिर चर्चा में आ गया। फिलहाल प्रशासन के वैकल्पिक जगह तलाशने के आश्वासन के बाद आंदोलन को अस्थायी तौर पर विराम मिला है।

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