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बांसवाड़ा प्रशासन ने गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था को लेकर उठाए सख्त कदम

बांसवाड़ा प्रशासन ने गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था को लेकर उठाए सख्त कदम

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में आगामी गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल व्यवस्था को लेकर कड़ा कदम उठाया है। जल संकट और गर्मी के मौसम में नागरिकों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने विशेष निर्देश जारी किए हैं।

डॉ. यादव ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जिला परिषद के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और स्पष्ट किया कि जिले के सभी खराब हैंडपंप 15 मार्च तक हर हाल में ठीक कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र पानी की कमी से प्रभावित नहीं होना चाहिए, और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में पेयजल की सुरक्षित और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी हैंडपंप और जल स्रोतों का नियमित निरीक्षण किया जाए और आवश्यक मरम्मत और रखरखाव तुरंत कराया जाए। इसके साथ ही, पानी की आपूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को कोई समस्या न हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की कमी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रशासन का यह कदम समय पर तैयारी और जल संकट से बचाव के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिला प्रशासन ने कहा कि इस बार वे सभी सरकारी और निजी जल स्रोतों का आंकलन करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी पंचायत या नगर क्षेत्र में जल संकट न उत्पन्न हो। इसके लिए आवश्यक संसाधन और मशीनरी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि गर्मी में अक्सर हैंडपंप और जल स्रोत खराब होने के कारण उन्हें लंबा सफर तय करना पड़ता था। अब प्रशासन द्वारा समयबद्ध मरम्मत और समीक्षा से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।

डॉ. इंद्रजीत यादव ने अधिकारियों से यह भी कहा कि ग्राम स्तर पर जल आपूर्ति की शिकायतें और समस्या के समाधान के लिए एक आपातकालीन टीम तैयार रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण जनता को जल संकट और हैंडपंप की स्थिति से संबंधित जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए।

इस प्रकार, बांसवाड़ा जिला प्रशासन ने गर्मी के मौसम से पहले पेयजल सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों के सतत निरीक्षण और मरम्मत अभियान से जिले के नागरिकों को आगामी गर्मी में जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।

बांसवाड़ा प्रशासन का यह कदम न केवल जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रशासन की तत्परता और जवाबदेही का भी उदाहरण पेश करता है।

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