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अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: सिलिका पत्थर की लीज के रास्ते को लेकर 2 साल से विवाद, वीडियो में जाने लाइट कटते ही हमले का आरोप

अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: सिलिका पत्थर की लीज के रास्ते को लेकर 2 साल से विवाद, वीडियो में जाने लाइट कटते ही हमले का आरोप

राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना में पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में सिलिका पत्थर की खनन लीज तक जाने वाले रास्ते का विवाद सामने आया है। भड़ाना और भौंडा गांव के लोगों के बीच इस रास्ते को लेकर करीब दो साल से विवाद चल रहा था। इसी बीच 11 अक्टूबर को लीज पर लाठी-डंडों से हमला किए जाने का आरोप है। हमले में गंभीर घायल अतर सिंह भड़ाना की जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में रविवार रात करीब 11:30 बजे मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मौके से पकड़े गए दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस हमले के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

लीज की मेस में खाना बना रहे थे सिक्योरिटी गार्ड

हमले में घायल सिक्योरिटी गार्ड गगन सिंह ने बताया कि घटना के समय वह लीज परिसर में बनी मेस में खाना बना रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई और फिर लोगों ने हमला कर दिया।गगन सिंह के मुताबिक, मारपीट में चोट लगने के बाद वह बेहोश हो गए। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें जानकारी नहीं है। घटना में अतर सिंह भड़ाना को भी गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के SMS अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चारागाह की जमीन से रास्ते को लेकर था विवाद

जानकारी के अनुसार, भौंडा गांव के ग्रामीण लीज तक आने-जाने के लिए चारागाह की जमीन का इस्तेमाल किए जाने का विरोध कर रहे थे। इसी रास्ते को लेकर पूर्व विधायक और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर पहले भी कई बार धरना-प्रदर्शन हो चुके थे। विवाद के चलते खनन लीज पर काम भी बंद करना पड़ा था। घटना से पहले रविवार शाम को धरना स्थल पर भी विवाद होने की बात सामने आई है।हालांकि, रास्ते और जमीन को लेकर चल रहे विवाद का हत्या की घटना से क्या संबंध है, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

सांसद भजन लाल जाटव भी कर चुके थे शिकायत

इस मामले से जुड़ी एक अन्य जानकारी के मुताबिक, सांसद भजन लाल जाटव भी लीज पर कथित अवैध खनन और चारागाह की जमीन पर कब्जे को लेकर शिकायत कर चुके थे। इससे स्पष्ट होता है कि खनन लीज और जमीन के उपयोग का मुद्दा पहले से विवादों में रहा था।वहीं, करीब आठ महीने पहले अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना के खिलाफ भी फायरिंग के आरोप में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। इस पुराने मामले और मौजूदा हमले के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस जांच में जुटी, दो लोगों को हिरासत में लिया

घटना के बाद पुलिस ने मौके से दो लोगों को पकड़कर हिरासत में लिया। पुलिस अब हमले में शामिल लोगों की पहचान, घटनाक्रम और विवाद की पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। फिलहाल पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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