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कांग्रेस के पंचायत राज सम्मेलन में टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना, मनरेगा को खत्म करने का आरोप

कांग्रेस के पंचायत राज सम्मेलन में टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य सरकार पर साधा निशाना, मनरेगा को खत्म करने का आरोप

राजस्थान कांग्रेस द्वारा आयोजित पंचायत राज सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी ग्रामीण योजनाओं को खत्म करने की साजिश कर रही है, जिससे ग्रामीण और गरीब वर्गों की रोज़गार संभावनाओं पर गंभीर असर पड़ेगा।

जूली ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण विकास और मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर ग्रामीण विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि पंचायत चुनावों में जागरूकता और सक्रियता नहीं दिखाई गई तो गांवों में आम जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने सम्मेलन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे आगामी पंचायत चुनावों में पूरी सक्रियता से हिस्सा लें। उन्होंने कहा, “भाजपा के नेताओं को गांवों में घुसने और ग्रामीण वोट बैंक पर कब्जा करने की अनुमति न दें। पंचायत चुनाव में ग्रामीणों के हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।”

जूली ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है जो ग्रामीण और किसानों के हितों के लिए हमेशा खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं को खत्म करने का प्रयास केवल गरीब और मजदूर वर्ग को कमजोर करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने ग्रामीणों को योजनाओं के लाभ और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक होने की भी सलाह दी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि टीकाराम जूली का यह भाषण राजनीतिक संदेश के साथ ग्रामीण चुनाव रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे मुद्दों को चुनावी माहौल में उठाना ग्रामीण मतदाताओं को जोड़ने का एक प्रभावी तरीका है।

सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जूली के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में पार्टी की सक्रियता और जमीनी संगठन मजबूत होना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा नेताओं के प्रभाव को कम किया जा सके।

इस अवसर पर जूली ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि गांवों में विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का जरिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि अगर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन और जूली का आह्वान कांग्रेस के लिए आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ग्रामीण कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और ग्रामीण मतदाताओं के बीच पार्टी की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए इसे अहम कदम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, राजस्थान कांग्रेस का यह पंचायत राज सम्मेलन केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ संदेश देने के साथ-साथ ग्रामीण चुनावी रणनीति को मजबूत करने का मंच बन गया। टीकाराम जूली के आह्वान ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी आगामी चुनावों में ग्रामीण मुद्दों को प्रमुखता देगी और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय रहेगी।

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