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अशोक गहलोत का फिर चर्चा में आया ‘रगड़ाई’ वाला बयान, वीडियो में बोले- बिना संघर्ष के पद मिल जाए तो काम ढंग से नहीं कर सकता

अशोक गहलोत का फिर चर्चा में आया ‘रगड़ाई’ वाला बयान, वीडियो में बोले- बिना संघर्ष के पद मिल जाए तो काम ढंग से नहीं कर सकता

राजस्थान की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ‘रगड़ाई’ वाला बयान एक बार फिर चर्चा में है। साल 2019 में सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयान के बाद अब गहलोत ने कांग्रेस नेता सीबी यादव से बातचीत के दौरान इसी शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष किए पद मिल जाए तो व्यक्ति उस काम को ढंग से नहीं कर सकता। गहलोत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।

दरअसल, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ कथित मारपीट के मामले में महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर धरने पर बैठे हैं। इसी धरने के बीच सोमवार रात पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे। यहां उन्होंने रितु बराला, राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सीबी यादव और विधायक रफीक खान से बातचीत की।

सीबी यादव से बोले गहलोत- अब तेरी रगड़ाई हो रही है न

बातचीत के दौरान सीबी यादव ने गहलोत से कहा कि कैंप लगाने के बाद भी टिकट नहीं मिलती। इस पर गहलोत ने संघर्ष और राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, “अब तेरी रगड़ाई हो रही है न।” उन्होंने आगे कहा कि वह सालों से कहते आ रहे हैं कि बिना रगड़ाई के पद पर पहुंचने वाले लोग अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर पाते।

गहलोत ने कहा कि व्यक्ति को एनएसयूआई से लेकर यूथ कांग्रेस और फिर मुख्य कांग्रेस संगठन तक संघर्ष करना पड़ता है। नारे लगाने से लेकर टिकट हासिल करने के लिए भी मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि उनकी अपनी रगड़ाई हो चुकी है।गहलोत की इस टिप्पणी को कांग्रेस संगठन में काम करने, राजनीतिक संघर्ष और अनुभव हासिल करने की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।

2019 में सचिन पायलट के लिए भी किया था ‘रगड़ाई’ शब्द का इस्तेमाल

अशोक गहलोत का ‘रगड़ाई’ शब्द से जुड़ा बयान पहली बार चर्चा में नहीं आया है। जुलाई 2019 में भी उन्होंने तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को लेकर कहा था कि उनकी रगड़ाई नहीं हुई है। उस समय भी इस बयान को लेकर राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में काफी चर्चा हुई थी।अब सीबी यादव से बातचीत के दौरान इसी शब्द का दोबारा इस्तेमाल होने के बाद 2019 का बयान भी फिर याद किया जा रहा है। हालांकि, इस बार गहलोत ने अपनी टिप्पणी को राजनीतिक पद हासिल करने से पहले संगठन में काम करने और संघर्ष के अनुभव से जोड़कर रखा।

धरने के बीच बयान से बढ़ी सियासी चर्चा

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस नेताओं का धरना रितु बराला के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहा है। इसी दौरान गहलोत की सीबी यादव से हुई बातचीत का यह हिस्सा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।गहलोत के बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि राजनीति में पद हासिल करने से पहले संगठन के भीतर मेहनत करना और संघर्ष से गुजरना जरूरी है। उनके ‘रगड़ाई’ वाले शब्द ने एक बार फिर राजस्थान की राजनीति में पुराने बयान और मौजूदा घटनाक्रम के बीच चर्चा को हवा दे दी है।

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