अशोक गहलोत ने तनोट माता मंदिर में किए दर्शन, नवरात्र अष्टमी पर प्रदेश की खुशहाली की कामना
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने दो दिवसीय जैसलमेर दौरे के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने शारदीय नवरात्र की अष्टमी के पावन अवसर पर माता के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। गहलोत ने प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
नवरात्र अष्टमी पर तनोट माता के दरबार में पहुंचे गहलोत
अशोक गहलोत अपने जैसलमेर दौरे के दौरान तनोट माता मंदिर पहुंचे। नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। तनोट माता मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसका विशेष महत्व है।
नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। इस अवसर पर भक्त माता की पूजा कर परिवार और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गहलोत ने भी इसी धार्मिक परंपरा के तहत माता के दर्शन किए।
सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है प्रसिद्ध मंदिर
जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित तनोट माता मंदिर श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र है। मंदिर का संबंध सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। यहां सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक माहौल रहता है।
तनोट माता मंदिर जैसलमेर आने वाले पर्यटकों और धार्मिक यात्रियों के लिए भी प्रमुख आकर्षण है। यहां पहुंचने वाले लोग माता के दर्शन के साथ सीमावर्ती क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को भी करीब से देखते हैं।
दो दिवसीय जैसलमेर दौरे पर हैं पूर्व मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत अपने दो दिवसीय जैसलमेर दौरे पर हैं। इस दौरान तनोट माता मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना उनके कार्यक्रम का हिस्सा रही। नवरात्र अष्टमी के अवसर पर मंदिर पहुंचकर उन्होंने धार्मिक आस्था प्रकट की और प्रदेश के लिए मंगलकामना की।
हालांकि, उनके दौरे के अन्य कार्यक्रमों, मुलाकातों और जैसलमेर में प्रस्तावित गतिविधियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल, नवरात्र अष्टमी पर तनोट माता मंदिर में अशोक गहलोत के दर्शन और पूजा-अर्चना की खबर सामने आई है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।

