Samachar Nama
×

पेपर लीक विवाद पर राजस्थान की सियासत गरमाई, सीएम भजनलाल शर्मा के बयान पर अशोक गहलोत का पलटवार

पेपर लीक विवाद पर राजस्थान की सियासत गरमाई, सीएम भजनलाल शर्मा के बयान पर अशोक गहलोत का पलटवार

राजस्थान में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पेपर लीक को लेकर दिए गए बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। गहलोत ने सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक के मामले को लेकर किए जा रहे दावों में सच्चाई नहीं है।

दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक करीब पौने तीन साल में 350 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की गईं, लेकिन एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने इसे सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और सख्त कार्रवाई का परिणाम बताया था।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस सरकार के समय हुए पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पिछली सरकार के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार का दावा है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त निगरानी और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

गहलोत ने किया पलटवार

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयान के जरिए जवाब दिया। गहलोत ने कहा कि पेपर लीक को लेकर सरकार का दावा सही नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रही है और युवाओं से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

पेपर लीक बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा

राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा पिछले कुछ वर्षों से लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया था और युवाओं में नाराजगी भी देखने को मिली थी।

इसी मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं। भाजपा जहां पिछली सरकार पर सवाल उठाती है, वहीं कांग्रेस मौजूदा सरकार के दावों पर निशाना साधती है।

युवाओं की नजर सरकार के कदमों पर

राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सबसे बड़ा मुद्दा है। युवा चाहते हैं कि परीक्षाएं बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित हों और योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर मिले।

फिलहाल पेपर लीक को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अशोक गहलोत के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने प्रदेश की सियासत को फिर गरमा दिया है। दोनों नेताओं के दावों और आरोपों के बीच अब सबकी नजर सरकार की परीक्षा व्यवस्था और आने वाली भर्तियों पर है।

Share this story

Tags