राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी सरकार के समय शुरू किए गए कई जनहित से जुड़े कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है।
जयपुर हवाई अड्डे से त्रिवेंद्रम रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक गहलोत ने दावा किया कि वे लगातार “इंतजार शास्त्र” नामक श्रृंखला के माध्यम से जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इन पर कोई जवाब या कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गहलोत ने कहा कि आम जनता के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले या तो लंबित कर दिए गए हैं या फिर उन पर कोई आगे की प्रक्रिया नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति प्रदेश में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की गति को प्रभावित कर रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के दौरान शुरू की गई योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता को मिल रहा था, लेकिन अब उन योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनता के हित में काम किया जाए।
इस बयान के बाद राजस्थान की सियासत में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं, खासकर उन मुद्दों पर जो सीधे जनता से जुड़े हुए हैं।
फिलहाल, सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन गहलोत के इस आरोप ने राज्य की राजनीतिक बहस को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है।

