Samachar Nama
×

अशोक गहलोत का चुनाव आयोग पर हमला, वीडियो में बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त कर जेल भेजना चाहिए; निष्पक्ष चुनाव पर उठाए सवाल

अशोक गहलोत का चुनाव आयोग पर हमला, वीडियो में बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त कर जेल भेजना चाहिए; निष्पक्ष चुनाव पर उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और जेल भेजने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं।

जयपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल की सलाखों के पीछे बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई कौन करेगा, जब कार्रवाई करने वाले ही इसमें शामिल हों। हालांकि, ये आरोप गहलोत की ओर से लगाए गए हैं, जिन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

अशोक गहलोत ने कहा कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर जो संदेह पहले से जताए जा रहे थे, उन्हें अब आयोग के अपने ही सदस्यों ने उजागर कर दिया है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था प्रभावित हुई है। गहलोत ने आरोप लगाया कि अब लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास कम हो रहा है और कई लोग बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए सरकार के लिए यह शर्म की बात है कि ऐसे व्यक्ति का चयन किया गया।गहलोत ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयुक्त चयन समिति से बाहर करने के लिए लाए गए कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

ED, इनकम टैक्स और CBI को लेकर भी टिप्पणी

गहलोत ने कहा कि पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED), इनकम टैक्स विभाग और सीबीआई जैसी एजेंसियों पर दबाव होने के आरोप लगते रहे हैं और अब चुनाव आयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब सरकार के एक विभाग की तरह काम करता नजर आ रहा है।

चुनाव व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज

अशोक गहलोत के बयान के बाद चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। विपक्षी दल समय-समय पर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी और निष्पक्ष चुनाव कराने की प्रतिबद्धता पर जोर देता रहा है।गहलोत के बयान पर अब सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Share this story

Tags