पुलिसकर्मी की शादी में तस्करों की मौजूदगी पर कार्रवाई, अशोक बिश्नोई बर्खास्त; कई सवाल अब भी बाकी
झालावाड़ जिले के भालता क्षेत्र में तैनात नागौर निवासी पुलिसकर्मी अशोक बिश्नोई को उनकी शादी समारोह में कथित तौर पर तस्करों और अपराधियों की मौजूदगी पाए जाने के बाद राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के बावजूद यह मामला कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है।
हालांकि पुलिस की ओर से पूरे प्रकरण पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और कई परतें खुलना बाकी हैं। बताया जा रहा है कि शादी समारोह में मध्य प्रदेश से जुड़े कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की उपस्थिति सामने आई, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
जानकारी के अनुसार, अशोक बिश्नोई वर्ष 2015 में पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था और वर्ष 2019 से भालता क्षेत्र में तैनात था। भालता क्षेत्र मध्य प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है, जहां तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनाती के दौरान स्थानीय अपराधियों और सीमावर्ती राज्यों के तत्वों से संपर्क की आशंका को गंभीरता से देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, शादी समारोह में मध्य प्रदेश के कुछ अपराधियों की मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि पुलिसकर्मी के सीमावर्ती अपराधियों से भी संबंध विकसित हो गए थे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस की छवि और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस महकमे में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अपराधियों से किसी भी प्रकार की सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच के निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह भी देखा जा रहा है कि कहीं और कोई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।

