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प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, तालाब में गिरा विमान, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे तीन लोगों ने पैराशूट से बचाई जान

प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, तालाब में गिरा विमान, तीन लोगों ने पैराशूट से बचाई जान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब सेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान क्रैश होकर तालाब में गिर गया। यह हादसा शहर के बीचों-बीच स्थित केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जो माघ मेले से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। एयरक्राफ्ट के गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट हवा में उड़ते समय अचानक डगमगाने लगा। कुछ ही सेकेंड में संतुलन बिगड़ गया और विमान नीचे की ओर आने लगा। इसी दौरान एयरक्राफ्ट में सवार तीन लोगों ने समय रहते पैराशूट के जरिए छलांग लगा दी। तीनों लोग पास ही स्थित तालाब में गिरे और दलदली इलाके में फंस गए। घटना को अपनी आंखों से देखने वाले स्थानीय लोगों ने बिना देर किए तालाब में उतरकर उन्हें बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि तीनों की हालत फिलहाल स्थिर है।

जहां यह हादसा हुआ, वह इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है। तालाब के आसपास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां स्थित हैं। गनीमत रही कि एयरक्राफ्ट सीधे तालाब में गिरा, अन्यथा बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में भारी भीड़ जुट गई। लोग दहशत के साथ हादसे की वजह जानने की कोशिश करते नजर आए।

घटना के कुछ ही देर बाद सेना का एक हेलिकॉप्टर भी मौके पर पहुंच गया। फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम को भी तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस तालाब में विमान गिरा है, वहां चारों ओर घनी जलकुंभी फैली हुई है। दलदल और जलकुंभी के कारण राहत और बचाव दल अभी तक विमान के मलबे तक नहीं पहुंच सका है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट में कुल कितने लोग सवार थे। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट होने के बाद ही इस बारे में आधिकारिक जानकारी दी जा सकेगी। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है, ताकि रेस्क्यू कार्य में कोई बाधा न आए।

सेना और प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में है और आसपास के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। इस हादसे ने एक बार फिर शहर के बीचों-बीच सैन्य उड़ानों की सुरक्षा और आपात प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन और आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं।

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