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प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने घूसखोर ग्राम विकास अधिकारी और ईमित्र संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया

प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने घूसखोर ग्राम विकास अधिकारी और ईमित्र संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है और विभाग घूसखोर अधिकारियों पर शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है। इसी कड़ी में प्रतापगढ़ जिले में ACB की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घूसखोर ग्राम विकास अधिकारी और उसके दलाल ईमित्र संचालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपितों को 8000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह रिश्वत राशि मकान के पट्टे की रजिस्ट्री करवाने के एवज में मांगी गई थी। जांच में सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी ने पट्टा बनवाने के लिए डेढ़ साल पहले ही प्रार्थी से 10 हजार रुपए ले लिए थे। आरोपित ईमित्र संचालक लंबे समय से दलाल की भूमिका निभा रहा था और इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा था।

ACB अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गिरफ्तारी की गई और दोनों आरोपितों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का मकसद सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और जनता को भ्रष्टाचार से मुक्त करना है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम विकास अधिकारी और उसके सहयोगी अक्सर सरकारी सुविधाओं और रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं में रिश्वत लेते पाए जाते थे, जिससे आम नागरिकों को लगातार परेशानी होती थी। इस कार्रवाई से जिले में जनता में राहत और विश्वास की भावना बढ़ी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इस तरह की कार्रवाइयां यह संदेश देती हैं कि सरकारी विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे न केवल सरकारी सिस्टम में सुधार होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी समस्याओं के समाधान में न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों को कानून के कठोर दायरे में लाना आवश्यक है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी सभी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर नजर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रतापगढ़ में हुई इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचार पर शून्य सहिष्णुता नीति के तहत काम कर रहे हैं। इससे आम जनता में यह विश्वास बढ़ा है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस प्रकार, प्रतापगढ़ में घूसखोर ग्राम विकास अधिकारी और ईमित्र संचालक की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े संदेश दिए हैं। ACB की सतत कार्रवाई और कड़ी निगरानी से यह स्पष्ट हो गया है कि राजस्थान में किसी भी स्तर पर रिश्वत और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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