कटीघाटी में बनेगा अंडरपास, पहाड़ी काटकर तैयार होगा नया मार्ग; यातायात होगा सुगम
शहर के यातायात दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कटीघाटी क्षेत्र में अब पहाड़ी काटकर अंडरपास बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही काफी आसान हो जाएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, अंडरपास बनने के बाद ढाई पैड़ी की ओर से आने वाले वाहन सीधे अंडरपास के माध्यम से गुजरते हुए भूगोर तिराहा के नीचे से होते हुए हनुमान सर्किल मार्ग तक पहुंच सकेंगे। इससे मुख्य चौराहों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र में बढ़ते यातायात भार को देखते हुए बेहद जरूरी हो गई थी। वर्तमान में कटीघाटी क्षेत्र में पहाड़ी संरचना और संकरे मार्ग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर पीक आवर्स में वाहन चालकों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है।
अंडरपास निर्माण के लिए पहाड़ी को वैज्ञानिक तरीके से काटकर सुरक्षित मार्ग तैयार किया जाएगा। इंजीनियरिंग टीम की देखरेख में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण कार्य के दौरान आसपास की संरचना और यातायात व्यवस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। परियोजना में आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस योजना के लागू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। व्यापारिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलेगी क्योंकि मालवाहक वाहनों की आवाजाही तेज और सुगम हो जाएगी। साथ ही, दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होने की उम्मीद है, जो वर्तमान में संकरे और व्यस्त मार्गों के कारण बनी रहती है।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अंडरपास बनने के बाद कटीघाटी एक महत्वपूर्ण ट्रैफिक लिंक के रूप में विकसित होगा, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
फिलहाल, योजना के प्रारंभिक चरण पर काम शुरू कर दिया गया है और तकनीकी सर्वेक्षण के आधार पर आगे की निर्माण प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि यह परियोजना आने वाले समय में क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगी और लोगों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।

