जयपुर में अनिष्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग महिला से ठगी, वीडियो में जाने पूजा के बहाने उतरवाए सोने के गहने, बाइक सवार आरोपी फरार
राजधानी जयपुर में अंधविश्वास और अनिष्ट का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से सोने के गहने ठगने का मामला सामने आया है। घटना करधनी थाना क्षेत्र की है, जहां मंदिर से घर लौट रही 66 वर्षीय महिला को दो बाइक सवार बदमाशों ने बातों में फंसाकर उसके सोने के गहने उतरवा लिए और फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मंदिर से लौटते समय बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, निवारू रोड निवासी रेखा (66) रोजाना की तरह कॉलोनी स्थित श्री चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थीं। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पूजा करने के बाद वह पैदल अपने घर लौट रही थीं।इसी दौरान रास्ते में एक व्यक्ति ने उन्हें वाज देकर रोका। पहले महिला ने उसकी बात अनसुनी कर दी, लेकिन आरोपी ने दोबारा रोककर बातचीत शुरू कर दी।
परिवार के अनिष्ट का डर दिखाकर ठगी
आरोपी ने महिला को परिवार के बारे में अशुभ बातें बताकर अनिष्ट होने का भय दिखाया। उसने दावा किया कि विशेष पूजा कराने से संकट टल सकता है। बातों में उलझाकर उसने महिला से पूजा के नाम पर सोने के कान के टॉप्स और अंगूठी उतरवा ली।इसके बाद आरोपी ने कहा कि वह गहनों को मंदिर में विशेष पूजा कराकर तुरंत वापस लौटा देगा। गहने लेकर वह पास में खड़े अपने साथी की बाइक पर बैठा और मौके से फरार हो गया।
इंतजार के बाद हुआ ठगी का अहसास
महिला काफी देर तक आरोपी का इंतजार करती रही, लेकिन जब वह वापस नहीं लौटा तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने परिजनों को घटना की जानकारी दी और करधनी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और उनकी बाइक का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि सड़क पर मिलने वाले अंजान लोगों की बातों में न आएं। यदि कोई व्यक्ति अनिष्ट, तंत्र-मंत्र या पूजा के नाम पर गहने या पैसे मांगता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के ठग अक्सर धार्मिक आस्था और अंधविश्वास का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते हैं। इसलिए सतर्क रहना ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

