बढ़ते साइबर क्राइम के बीच क्रिप्टो यूजर्स पर खतरा, ट्रस्ट वॉलेट स्कैम को लेकर जारी हुआ अलर्ट
देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच अब क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स ठगों के खास निशाने पर आ गए हैं। डिजिटल लेन-देन और क्रिप्टो निवेश के बढ़ते चलन के साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें ट्रस्ट वॉलेट यूजर्स को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Indian Cyber Crime Coordination Centre और National Cyber Crime Threat Analytics Unit ने संयुक्त रूप से जानकारी दी है कि साइबर ठग अब क्रिप्टो वॉलेट यूजर्स को निशाना बनाकर फर्जी लिंक, फिशिंग वेबसाइट और धोखाधड़ी वाले मैसेज के जरिए उनकी डिजिटल संपत्ति चुराने की कोशिश कर रहे हैं।
जारी किए गए अलर्ट में कहा गया है कि ठग अक्सर खुद को तकनीकी सहायता टीम, वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर या निवेश सलाहकार बताकर यूजर्स से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा जाता है, जो देखने में असली वेबसाइट जैसा लगता है। जैसे ही यूजर उस लिंक पर लॉगिन करता है या अपनी सीड फ्रेज (Seed Phrase) साझा करता है, उनके वॉलेट का पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है।
अधिकारियों ने विशेष रूप से Trust Wallet यूजर्स को सावधान किया है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी निजी कुंजी (Private Key) या सीड फ्रेज किसी के साथ साझा न करें। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी क्रिप्टो वॉलेट की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारी यही होती है और इसे साझा करना सीधे तौर पर अपने फंड्स को खतरे में डालने जैसा है।
साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी बताया कि हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों को लाखों रुपये की क्रिप्टो संपत्ति का नुकसान हुआ है। ठग सोशल मीडिया, ईमेल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी ऑफर और हाई रिटर्न स्कीम का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं।
एनसीटीएयू के विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि यूजर्स केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। इसके साथ ही दो-स्तरीय सुरक्षा (Two-Factor Authentication) को सक्रिय रखने और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है।
सरकारी एजेंसियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल निवेश करते समय पूरी सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में निर्णय न लें। साइबर अपराधी लगातार अपने तरीकों को अपडेट कर रहे हैं, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में क्रिप्टो से जुड़े साइबर अपराध और बढ़ सकते हैं, इसलिए समय रहते सावधानी और सही डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।

