सीकर के अग्निवीर करणसिंह राठौड़ ने ड्यूटी के दौरान देश के लिए त्यागा प्राण, पूरे क्षेत्र में शोक
राजस्थान के सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के कंचनपुर जोरावरनगर निवासी अग्निवीर करणसिंह राठौड़ ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी तैनाती सिलीगुड़ी के बागडौगरा क्षेत्र में थी।
सूत्रों के अनुसार, करणसिंह राठौड़ ड्यूटी के दौरान अपनी सेवा निभाते हुए शहीद हुए। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने उन्हें देशभक्ति और साहस का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
अग्निवीर के परिवार में माता-पिता, भाई-बहन और अन्य सदस्य हैं। परिवार ने बताया कि करणसिंह बचपन से ही देश सेवा के प्रति समर्पित और मेहनती थे। उनके निधन की खबर मिलने के बाद गांव के स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी वहां पहुंचे और परिवार को सहानुभूति व्यक्त की।
स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी अग्निवीर के साहस और त्याग की सराहना की और उनके परिवार को सहानुभूति प्रदान करने का आश्वासन दिया। वहीं, स्कूल और सार्वजनिक संस्थानों में उनका स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के शहीदों की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होती है। यह दिखाता है कि देश की सेवा में समर्पण और साहस किसी कीमत पर कम नहीं आना चाहिए।
राजस्थान सरकार और संबंधित विभाग ने शहीद अग्निवीर करणसिंह राठौड़ के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही, उनकी शहादत को सम्मान देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना जताई गई है।
गांव और क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर अग्निवीर की वीरता और बलिदान को याद करने और उनके परिवार के प्रति समर्थन जताने का संकल्प लिया है। इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को गौरव और संवेदना के भाव से भर दिया।

