सीजफायर के बाद कहीं जश्न तो कहीं पाकिस्तान को तबाह करने की मांग, जानिए सीमावर्ती इलाकों में कैसा है माहौल ?
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच 7 मई को ऑपरेशन सिंधु के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी कैंपों और कई एयरबेसों पर जवाबी कार्रवाई की थी। इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ काशिफ अब्दुल्ला ने भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन कर सैन्य कार्रवाई रोकने का आग्रह किया था, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो गए थे। पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के बाद पंजाब के पठानकोट में हालात सामान्य हो गए हैं। लोगों ने अपनी दिनचर्या पहले की तरह शुरू कर दी है, बाजार में भी रौनक दिखने लगी है और ज्यादातर दुकानें खुल गई हैं। आजतक से बातचीत के दौरान लोगों ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी नापाक हरकतें बंद कर देनी चाहिए और उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाना बहुत जरूरी है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में लोगों ने भारत और पाकिस्तान दोनों की ओर से उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से कई बार भारी गोलाबारी की गई, जिससे उन्हें जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन अब जब दोनों देशों ने शांति की पहल की है तो उन्हें उम्मीद है कि यह संघर्ष विराम लंबे समय तक चलेगा।
राजस्थान के सीमावर्ती कस्बों में हालात सामान्य, दुकानें और बाजार खुले
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद रविवार सुबह राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में हालात सामान्य नजर आए। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर में बाजार खुले नजर आए। जनजीवन सामान्य होता नजर आया। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद सुबह जैसलमेर में दुकानें खुली नजर आईं। इसलिए हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं।
फिरोजपुर में तनाव के बाद राहत, लोगों ने फिर से शुरू किया कारोबार
पंजाब के फिरोजपुर में संघर्ष विराम के बाद लोगों ने राहत महसूस की है। फिरोजपुर के भारत-पाकिस्तान से सटे होने के कारण लोगों में थोड़ा तनाव जरूर था। लेकिन यहां के लोग बहुत बहादुर हैं। वे भारतीय सेना के साथ खड़े हैं। वे प्रशासन द्वारा दिए गए आदेशों का पालन कर प्रशासन का साथ दे रहे हैं। लेकिन शनिवार को जब संघर्ष विराम की घोषणा हुई तो रविवार को लोगों ने अपनी दुकानें और कारोबार पहले की तरह शुरू कर दिए।
सीजफायर के बाद श्रीगंगानगर में राहत, स्कूल खुलने का इंतजार
श्रीगंगानगर राजस्थान में स्थित है और पाकिस्तान की सीमा से सटा शहर है। जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा तो यहां के लोगों में थोड़ा डर था। हालांकि सीजफायर की घोषणा के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बाजार खुल गए और सड़कों पर चहल-पहल दिखी। अब स्कूली बच्चे और अभिभावक स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
फाजिल्का में खुशी की लहर, लोगों ने बांटे लड्डू, जवानों को बताया असली हीरो
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिले फाजिल्का के लोगों ने सीजफायर के बाद खुशी जाहिर की। हर दिन की तरह दुकानें फिर से खुलीं और बाजारों में चहल-पहल दिखी। इस मौके पर फाजिल्का के लोगों ने खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को लड्डू खिलाए और लड्डू खिलाते हुए खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह हमारे जवानों ने अपने घर-परिवार को छोड़कर हमारी रक्षा की है और हमें चैन की नींद सोने दी है। उसके लिए जवानों का जितना भी धन्यवाद किया जाए, कम होगा। आज हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। इसके साथ ही लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया जिन्होंने मध्यस्थता कर युद्ध विराम कराने की कोशिश की।
कुछ लोगों ने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतें बंद कर दे तो वह देश भी तरक्की कर सकता है क्योंकि युद्ध में हर देश को नुकसान होता है। सूरत के लोगों ने कहा- पाकिस्तान के टुकड़े होने का सपना अधूरा रह गया पहलगाम आतंकी हमले और भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अपनी हरकतें बंद नहीं कर रहा था। अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों ने युद्ध विराम का फैसला किया है। सूरत के लोगों ने भारत सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। लेकिन उनका कहना है कि इस बार उन्होंने पाकिस्तान के कई टुकड़े होने का सपना देखा था जो अधूरा रह गया।
शहीद विनय नरवाल के पिता बोले- सेना ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया
पहलगाम में शहीद हुए नौसेना अधिकारी विनय नरवाल के पिता विकास नरवाल ने कहा कि 22 अप्रैल की आतंकी घटना के जवाब में सरकार और सेना ने सख्त कदम उठाए हैं। जवानों ने आतंकवाद, उसके प्रसारकों और उसे पनाह देने वालों पर ऐसा प्रहार किया है कि उन्हें कोई भी दुस्साहस करने से पहले हजार बार सोचना पड़ेगा। विकास नरवाल ने भारतीय जवानों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है।
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में तबाही, संघर्ष विराम की मांग
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष विराम के बावजूद पाकिस्तान पर भरोसा एक बड़ा सवाल है। भारत ने साफ कर दिया है कि 'कोई भी आतंकी घटना अब युद्ध की तरह होगी' और पाकिस्तान को उसकी हरकतों का जवाब पहले भी 'ऑपरेशन सिंदूर' और रावलपिंडी तक सैन्य कार्रवाई की धमकी से दिया जा चुका है। पाकिस्तान के धोखेबाज स्वभाव को देखते हुए यह शांति संदिग्ध बनी हुई है।

