भवानीपुर जीत के बाद ‘राजस्थान मॉडल’ की चर्चा, भाजपा खेमे में रणनीति को लेकर बयानबाजी तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हलचल के बीच भवानीपुर सीट पर भाजपा की जीत के बाद पार्टी खेमे में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में आ गया है—“राजस्थान मॉडल”। इस शब्द का इस्तेमाल भाजपा नेताओं द्वारा चुनावी रणनीति को लेकर किया जा रहा है, जिससे संगठनात्मक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।
Bhabanipur सीट पर आए नतीजों के बाद भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने इस जीत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव की रणनीति और बूथ स्तर पर तैयार की गई योजना में राजस्थान से आई एक टीम की अहम भूमिका रही।
सुवेंदु अधिकारी ने Rajendra Rathore का नाम लेते हुए उनका आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में काम कर रही टीम ने ऐसी रणनीति तैयार की, जिसने चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया।
उन्होंने आगे कहा कि वे खास तौर पर राजस्थान के आठ नेताओं को “प्रणाम” करते हैं, जिन्होंने भवानीपुर में डेरा डालकर जमीनी स्तर पर संगठनात्मक काम किया और चुनावी प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में “राजस्थान मॉडल” शब्द को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा के भीतर इसे संगठनात्मक मजबूती और बूथ मैनेजमेंट की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है।
West Bengal की राजनीति में यह मुद्दा अब एक नए राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है, जहां चुनावी प्रबंधन और बाहरी राज्यों की भूमिका पर बहस छिड़ गई है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस मॉडल को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत व्याख्या नहीं दी गई है, लेकिन नेताओं के बयानों ने इसे सुर्खियों में जरूर ला दिया है।

