जयपुर में 1.61 करोड़ के जवाहरात लेकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, वीडियो में जाने विदेश में कारोबार का झांसा देकर व्यापारियों को फंसाता था
जयपुर में जवाहरात के कारोबार से जुड़े एक व्यापारी के साथ करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में आदर्श नगर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर करीब 1 करोड़ 61 लाख रुपये के जवाहरात लेकर फरार होने का आरोप है। वह व्यापारियों को विदेश में कारोबार होने का झांसा देकर उनका विश्वास जीतता था और फिर महंगे नगीनों की खरीद के नाम पर ठगी करता था।गिरफ्तार आरोपी की पहचान अलजेब खान के रूप में हुई है। वह जयपुर के सूरजपोल गेट, पहाड़गंज इलाके का निवासी बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अपने महंगे शौक और अय्याशी के खर्च पूरे करने के लिए व्यापारियों को निशाना बनाता था।
विदेश में कारोबार होने का देता था झांसा
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी व्यापारियों के सामने खुद को विदेश में कारोबार करने वाला व्यक्ति बताता था। इस पहचान के जरिए वह जवाहरात और नगीनों का व्यापार करने वाले लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करता था।आरोप है कि विश्वास कायम होने के बाद वह बड़ी मात्रा में कीमती नगीनों और जवाहरात की खरीद करता और फिर भुगतान किए बिना रकम हड़प लेता था। इस तरीके से उसने एक व्यापारी को कथित तौर पर करीब 1.61 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य व्यापारियों को भी निशाना बनाया था या नहीं। जांच में लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और आरोपी के संपर्कों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
व्यापारी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के अनुसार, इस मामले में परिवादी शुजात अंसारी, निवासी एलेक्जेंडर कॉलोनी, अमृतपुरी ने आदर्श नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवादी ने पुलिस को बताया कि वह नगीनों का कारोबार करता है।शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी अलजेब खान करीब 1 करोड़ 61 लाख रुपये के जवाहरात लेकर फरार हो गया। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की।शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, ठगी से जुड़े सभी तथ्यों, जवाहरात की बरामदगी और कथित लेन-देन की पूरी जानकारी जांच के आगे बढ़ने पर स्पष्ट होगी।
महंगे शौक पूरे करने के लिए ठगी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महंगे शौक और अय्याशी के लिए व्यापारियों को अने जाल में फंसाता था। विदेश में कारोबार होने का दावा कर वह खुद को आर्थिक रूप से मजबूत कारोबारी के तौर पर पेश करता था। इससे व्यापारियों के लिए उस पर भरोसा करना आसान हो जाता था।जवाहरात का कारोबार महंगे लेन-देन पर आधारित होता है, इसलिए व्यापारियों के बीच विश्वास की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में कारोबारी पहचान और भुगतान के आश्वासन का कथित तौर पर दुरुपयोग कर ठगी किए जाने का यह मामला व्यापारियों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
पुलिस जांच में सामने आएंगे और तथ्य
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें यह पता लगाना शामिल हो सकता है कि जवाहरात कहां बेचे गए, रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।फिलहाल, आरोपी पर लगे आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के आधार पर होगी। पुलिस की आगे की कार्रवाई से जवाहरात की बरामदगी और ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

