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पंचांग अनुसार भद्रा के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन, 2 मार्च को श्रेष्ठ मुहूर्त

पंचांग अनुसार भद्रा के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन, 2 मार्च को श्रेष्ठ मुहूर्त

इस साल होली से पूर्व होलिका दहन का शुभ अवसर 2 मार्च को है। पंचांग के अनुसार, भद्रा प्रारंभ होने के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन करना श्रेष्ठ माना गया है।

होलिका दहन का मुहूर्त

विशेषज्ञों ने बताया कि 2 मार्च को सायं 6:38 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त है। इस अवधि में होलिका दहन करने से धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से शुभ फल प्राप्त होता है।

महत्व

होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग होलिका के चारों ओर लकड़ियां और अन्य सामग्रियां जलाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। पंचांग अनुसार सही मुहूर्त में होलिका दहन करने से परिवार में सुख, समृद्धि और सुरक्षा की मान्यता होती है।

सलाह और सावधानियां

  • होलिका दहन स्थल को खुला और सुरक्षित स्थान चुनें।

  • बच्चों और पालतू जानवरों को आग के पास न रखें।

  • लकड़ियों और अन्य ज्वलनशील सामग्री को सुरक्षित ढंग से रखें।

  • स्थानीय प्रशासन के द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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