सिरोही में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: ग्राम विकास अधिकारी ने रिश्वत की रकम जमीन में दबाई, बेटा भी हुआ शामिल
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सिरोही जिले में एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। रेवदर क्षेत्र के अनादरा गांव में तैनात एक ग्राम विकास अधिकारी (VDO) ने रिश्वत लेने के बाद पकड़े जाने के डर से रकम को अपने बेटे के जरिए जमीन में दबा दिया था। एसीबी ने कड़ी मशक्कत और लंबी जांच के बाद उक्त रकम बरामद कर ली।
जानकारी के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी पर विभिन्न मामलों में रिश्वत लेने के आरोप थे। अधिकारी ने राशि को पकड़ से बचाने के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए और अपने बेटे को जमीन में पैसे छिपाने का जिम्मा सौंपा। मामले की शिकायत मिलने पर एसीबी ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और घटनास्थल पर सघन जांच कर रकम को बरामद किया।
एसीबी के अधिकारीयों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश देती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हमेशा अपने पद और जिम्मेदारी के प्रति पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखनी चाहिए। किसी भी प्रकार का रिश्वत लेना और उसे छुपाना कानूनन अपराध है और इसके लिए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोग और ग्रामीण इस कार्रवाई को देखकर आश्चर्यचकित और संतुष्ट दोनों हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर अधिकारी रिश्वत लेने में संलिप्त पाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में एसीबी की तत्परता और सफलता ने लोगों में भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अब अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने के लिए अधिक सतर्क होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई न केवल भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त संदेश देती है, बल्कि प्रशासन और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है। एसीबी जैसी संस्थाओं की सक्रियता से सरकारी तंत्र में सुधार और जनता का विश्वास बढ़ता है।
इस मामले में ग्राम विकास अधिकारी और उनके बेटे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी ने कहा है कि जांच अभी जारी है और मामले में अन्य शामिल अधिकारियों की भी पहचान की जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार सार्वजनिक सेवाओं में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिरोही जिले में इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन और एसीबी ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी सरकारी अधिकारी या विभाग में भ्रष्टाचार के मामले की जानकारी मिले तो तुरंत शिकायत करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाया जा सकता है और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आ सकता है।
इस प्रकार, एसीबी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है और राज्य में अन्य अधिकारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में काम करेगी। ग्रामीण और स्थानीय लोग इस कार्रवाई को न्यायसंगत और समय पर कदम मान रहे हैं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

