राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े 900 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ा एक्शन लिया है। जयपुर से लेकर बाड़मेर, दिल्ली, बिहार और झारखंड तक 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में—
-
चीफ इंजीनियर (प्रशासन) दिनेश गोयल
-
चीफ इंजीनियर (ग्रामीण) केडी गुप्ता
-
अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर द्वितीय शुभांशु दीक्षित
-
वित्तीय सलाहकार (नवीकरणीय ऊर्जा) सुशील शर्मा
-
मुख्य अभियंता (चूरू) नीरिल कुमार
-
निलंबित XEN विशाल सक्सेना
-
हाल ही में रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव
-
रिटायर्ड मुख्य अभियंता व तकनीकी सदस्य डी. के. गौड़
-
हाल में रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता महेंद्र प्रकाश सोनी
बताया जा रहा है कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन, टेंडर आवंटन, सामग्री खरीद और भुगतान प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। एसीबी को जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों में गड़बड़ियों के संकेत मिले थे।
सूत्रों के अनुसार, कई डिजिटल दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य अधिकारियों व ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
प्रदेश में यह कार्रवाई बड़े प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

