होली के पर्व पर जहां आमजन उत्सव में डूबे हैं, वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जल जीवन मिशन घोटाले में फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान छेड़ रखा है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसीबी की छह टीमें तैनात की गई हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जल जीवन मिशन से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कई आरोपियों की भूमिका सामने आई है। जांच के दायरे में आए कुछ लोग कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गए। ऐसे में एसीबी ने त्योहार के बावजूद अपनी कार्रवाई को धीमा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बताया जा रहा है कि छह टीमों को अलग-अलग जिलों में रवाना किया गया है। ये टीमें संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं और लगातार छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। एसीबी मुख्यालय स्तर पर भी पूरे अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है।
जल जीवन मिशन केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। ऐसे में इस योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि घोटाले में और नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के अवसर पर भी भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी गठित की जा सकती हैं। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की जानकारी हो तो वे गोपनीय रूप से एजेंसी को उपलब्ध कराएं।
इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। अब देखना यह है कि एसीबी की टीमें फरार आरोपियों तक कब तक पहुंच पाती हैं और इस मामले में आगे क्या खुलासे सामने आते हैं।

