राजस्थान की आंगनबाड़ियों में 25 सितंबर से शुरू होगा ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम, वीडियो में जाने बच्चों के पोषण और रचनात्मक विकास पर जोर
राजस्थान की आंगनबाड़ियों को बच्चों, अभिभावकों और समुदाय से जोड़ने के उद्देश्य से 25 सितंबर से ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह कार्यक्रम 7 अक्टूबर तक प्रदेशभर की सभी आंगनबाड़ियों में आयोजित होगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के साथ उनके रचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों और उनके परिवारों के लिए अधिक संवादात्मक बनाने पर जोर रहेगा। बच्चों के साथ खेलकूद, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और सहयोगिनियों के योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़े कार्यों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम के माध्यम से उनके योगदान को पहचान देने के साथ समुदाय को भी आंगनबाड़ी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।मंगलवार को सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक आयोजित हुई। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रदेश की सभी आंगनबाड़ियों में कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से आयोजित करने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।
दीया कुमारी ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अधिकारियों को कार्यक्रम के आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रदेशभर में सभी आंगनबाड़ियों में कार्यक्रम निर्धारित अवधि के दौरान प्रभावी तरीके से आयोजित हो।‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े विषयों के साथ उनके रचनात्मक विकास को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। खेलकूद और चित्रकला जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों और अभिभावकों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ना है। इसके साथ ही समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और आंगनबाड़ी से जुड़ी सेवाओं के प्रति जागरूकता पैदा करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। 25 सितंबर से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम 7 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ियों में आयोजित किया जाएगा।

