ब्यावर के श्यामा का बाड़िया में महिला के साथ बर्बर मारपीट, बेटी ने वीडियो में कैद की घटना
राजस्थान के रायपुर मारवाड़ थाना क्षेत्र के श्यामा का बाड़िया में एक महिला के साथ हुई बर्बर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार, उनके जेठ ने उनके बाल पकड़कर मारपीट की, जिससे महिला को गंभीर चोटें आईं।
घटना के समय पीड़िता का पति रोजगार के सिलसिले में राज्य से बाहर था। सूचना मिलते ही पति तुरंत गांव लौट आए। मारपीट की पूरी घटना पीड़िता की बेटी ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जिससे आरोपी के खिलाफ स्पष्ट सबूत भी मौजूद हैं।
स्थानीय पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने तुरंत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस घटना की ठोस वजह पता लगाने में जुटी है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़िता और परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आरोपी से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने गांव में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और पड़ोसियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं परिवार और समाज दोनों के लिए चिंताजनक संकेत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घरेलू हिंसा और आपसी रंजिश से महिलाओं की सुरक्षा लगातार खतरे में है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि महिला के खिलाफ मारपीट और हिंसा न केवल अपराध है, बल्कि इसके लिए भारतीय दंड संहिता और महिला अधिकार संरक्षण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वीडियो सबूत होने की स्थिति में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना अधिक रहती है।
पीड़िता की बेटी द्वारा घटना का वीडियो रिकॉर्ड करना इस मामले में साक्ष्य जुटाने और न्याय सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के डिजिटल सबूत पुलिस को आरोपियों की पहचान और मुकदमा दर्ज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को अफवाह या सामाजिक दबाव का विषय न बनाएं और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। सामाजिक जागरूकता, सुरक्षा उपाय और कानूनी मदद की आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है।
ब्यावर के श्यामा का बाड़िया में हुई इस घटना ने सामाजिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है। पुलिस और प्रशासन द्वारा किए जाने वाले कदम इस मामले में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक साबित होंगे।

