राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा 96 साल पहले ब्रिटिश शासन के नमक कर के खिलाफ किए गए दांडी मार्च (Dandi March) की वर्षगांठ है। यह मार्च स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय था, जिसमें गांधी जी ने आम जनता के साथ मिलकर नमक सत्याग्रह किया और ब्रिटिश शासन की नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन की शुरुआत की।
इस अवसर पर राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधी जी का यह आंदोलन सिर्फ कर विरोध नहीं था, बल्कि स्वराज और न्याय की लड़ाई का प्रतीक था।
इतिहासकारों का कहना है कि दांडी मार्च ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और भारतीय जनता को सत्याग्रह और अहिंसा के रास्ते पर प्रेरित किया। मार्च के दौरान गांधी जी ने असहयोग और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को आम जनता के बीच फैलाया।
आजादी के 96 साल बाद भी यह आंदोलन भारतीय लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की लड़ाई के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। राज्य और केंद्र में इस दिन को महात्मा गांधी की सोच और उनके आदर्शों को याद करने के रूप में मनाया जाता है।

