दांडी मार्च की 96वीं वर्षगांठ: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अशोक गहलोत और भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि
आज (12 मार्च) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा 96 साल पहले औपनिवेशिक भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ नमक कर के विरोध के लिए किए गए ऐतिहासिक दांडी मार्च (Dandi March) की वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस अवसर पर राजस्थान में नेताओं और नागरिकों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी याद में सम्मान व्यक्त किया।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने-अपने स्तर पर महात्मा गांधी को याद करते हुए उनकी अहिंसा, सत्याग्रह और देशभक्ति की शिक्षाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि दांडी मार्च न केवल स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक कदम था, बल्कि यह साधारण नागरिकों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ संगठित और अहिंसात्मक विरोध के लिए प्रेरित करने वाला आंदोलन भी था।
अशोक गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा गांधी की सादगी और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता आज भी युवाओं और नागरिकों के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने सभी से अपील की कि गांधी के आदर्शों को अपनाकर सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलें।
वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दांडी मार्च के समय भारतीयों ने केवल नमक कर का विरोध ही नहीं किया था, बल्कि देश की आजादी और स्वाभिमान के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज हम जो स्वतंत्र जीवन जी रहे हैं, उसमें महात्मा गांधी के योगदान को याद करना और उनके विचारों को जीवन में उतारना हमारा कर्तव्य है।
इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी कार्यक्रम आयोजित किए। छात्रों और नागरिकों ने गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके द्वारा स्थापित सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
इतिहासकारों का कहना है कि दांडी मार्च 1930 में महात्मा गांधी द्वारा 400 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के दौरान नमक कर का उल्लंघन करके भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। यह कदम ब्रिटिश शासन के खिलाफ अहिंसात्मक प्रतिरोध का प्रतीक बन गया और पूरे देश में स्वतंत्रता संग्राम को गति दी।
राजस्थान के नागरिकों ने भी सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर महात्मा गांधी की सादगी, अनुशासन और देशभक्ति को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के 96 साल बाद भी गांधी के विचार और उनके द्वारा किए गए कार्य समाज और देश के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।
अंततः, आज की वर्षगांठ सिर्फ एक ऐतिहासिक स्मृति नहीं है, बल्कि यह सभी नागरिकों के लिए सत्य, अहिंसा और देशभक्ति के आदर्शों को अपनाने का संदेश भी देती है। अशोक गहलोत और भजनलाल शर्मा द्वारा अर्पित श्रद्धांजलि ने यह याद दिलाया कि महात्मा गांधी का संदेश आज भी सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में प्रासंगिक है।

