राजस्थान के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने दौसा और करौली जिलों के हजारों कृषि उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब इन दोनों जिलों में किसानों को रात के समय सिंचाई करने की मजबूरी से छुटकारा मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की है कि Rajasthan के दौसा और करौली जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को अब दिन के दो निर्धारित ब्लॉकों में बिजली आपूर्ति दी जाएगी। इस फैसले से दोनों जिलों के कुल 87,801 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय के बाद किसानों को अब कड़ाके की ठंड, बारिश और जंगली जानवरों के खतरे के बीच रात में खेतों की सिंचाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी। लंबे समय से किसान दिन के समय बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
इस नई व्यवस्था के तहत किसानों को दिन में ही पर्याप्त समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपनी कृषि गतिविधियों को पूरा कर सकेंगे। इससे खेती के कामकाज में सुधार आने और उत्पादन क्षमता बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह निर्णय कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उनकी उत्पादकता और जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
जानकारी के अनुसार, इस योजना के लागू होने के बाद अब राजस्थान के कुल 24 जिलों के किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति की सुविधा मिलने लगी है। इससे हजारों किसान परिवारों को राहत मिली है, जो वर्षों से रात में सिंचाई करने की कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे।
किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका कहना है कि दिन में बिजली मिलने से न केवल जोखिम कम होगा, बल्कि कृषि कार्यों में समय की बचत भी होगी।
वहीं कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से खेती के पैटर्न में सुधार आएगा और किसान अधिक योजनाबद्ध तरीके से सिंचाई कर पाएंगे। साथ ही इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
फिलहाल इस निर्णय के लागू होने के बाद बिजली वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि किसानों को निर्बाध और समयबद्ध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

