बनास नदी में बजरी माफिया पर पुलिस की ‘फिल्मी’ कार्रवाई, 5 जेसीबी और 4 गिरफ्तार
जहाजपुर स्थित बनास नदी में लंबे समय से सक्रिय बजरी माफिया के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई अंजाम दिया है। इस कार्रवाई को क्षेत्रवासियों ने ‘फिल्मी अंदाज’ की कार्रवाई बताया है।
सूत्रों के अनुसार, जहाजपुर क्षेत्र में बहने वाली बनास नदी में अवैध बजरी खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर जिला पुलिस ने मंगलवार को विशेष टीम के साथ दबिश दी। कार्रवाई इतनी गुप्त और सुनियोजित थी कि बजरी माफिया को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस ने मौके से 5 जेसीबी, 13 ट्रैक्टर और 3 डंपर जब्त कर बजरी के काले कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। इस दौरान पुलिस ने 4 लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बनास नदी के अवैध बजरी खनन में संलिप्त थे।
यह कार्रवाई बनास पुलिया से शकरपुरा के बीच की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस इलाके में अवैध खनन लंबे समय से चल रहा था, जिससे नदी और आसपास के पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा था। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में खुशी और राहत की लहर देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध बजरी खनन से न केवल नदी और पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि इससे कानून और व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी बनास नदी और अन्य जल स्रोतों में अवैध खनन को रोकने के लिए नियमित निगरानी और अभियान जारी रहेंगे। साथ ही, उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अवैध खनन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोग भी इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब बजरी माफिया पर शिकंजा कसा गया है, जिससे नदी और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होगा।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन में शामिल लोग सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान सिर्फ एक शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी कार्रवाइयां की जाएंगी।
इस तरह, जहाजपुर के बनास नदी क्षेत्र में बजरी माफिया के खिलाफ पुलिस की ‘फिल्मी’ और सुनियोजित कार्रवाई ने अवैध खनन पर लगाम लगाने के प्रयास को और मजबूत किया है। यह कदम न केवल कानून और व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि नदी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।

