सलूम्बर जिले के दो गांवों में बच्चों में फैली रहस्यमयी बीमारी और अब तक 5 बच्चों की मौत के मामले ने राज्य सरकार को गंभीर कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम का गठन किया गया है, जिसे प्रभावित गांवों में भेज दिया गया है। यह टीम बीमारी के कारणों की जांच करने के साथ-साथ मरीजों के इलाज और रोकथाम के उपाय भी सुनिश्चित करेगी।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उच्चस्तरीय समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को लगातार निगरानी बनाए रखने और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित गांवों सहित सलूम्बर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीमें तैनात की जाएं। इन टीमों को बुखार और अन्य लक्षण वाले बच्चों की गहन स्क्रीनिंग करने के आदेश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी के फैलाव को रोकना और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए गांव-गांव जाकर सर्वे और स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। साथ ही, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल विशेषज्ञ टीम बीमारी के कारणों की जांच में जुटी हुई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

