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राजस्थान के डीग में बारात के दौरान डीजे में करंट लगने से 5 बच्चे झुलसे, 2 की हालत गंभीर

राजस्थान के डीग में बारात के दौरान डीजे में करंट लगने से 5 बच्चे झुलसे, 2 की हालत गंभीर

राजस्थान के डीग जिले के नियामतपुर गांव में गुरुवार को एक दुखद घटना घटी। एक बारात के दौरान डीजे की तार में करंट आने से 5 बच्चे झुलस गए। यह घटना गांव में शादी के माहौल को अचानक ही डरावने हादसे में बदल दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों ने डीजे के पास खेलते समय गलती से करंट का सामना किया। करंट लगने के कारण 5 बच्चों को झुलसने के बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस हादसे में 2 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

बाकी 3 बच्चों का इलाज गांव के नजदीकी शहर के एक अन्य अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बच्चों की स्थिति स्थिर है, लेकिन उन्हें अभी कुछ दिनों तक अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा।

घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता दोनों देखने को मिली। कई लोगों ने कहा कि बारात या किसी भी सार्वजनिक समारोह में बिजली सुरक्षा उपायों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इस तरह के हादसों से बचने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएँ।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि समारोहों में बिजली और डीजे उपकरणों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। कई बार अतिशयोक्ति और सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बनती है। इस मामले में भी बच्चों के झुलसने की मुख्य वजह बिजली सुरक्षा के मानकों का पालन न होना बताया जा रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना ने उन्हें सबक सिखाया है कि शादी या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए। उन्होंने परिवारों से अपील की है कि वे बच्चों को इलेक्ट्रिक उपकरणों से दूर रखें और सुनिश्चित करें कि आयोजन स्थल पर बिजली तार और उपकरण सुरक्षित तरीके से लगाए गए हों।

इस घटना ने पूरे डीग जिले में चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन को सजग होने पर मजबूर किया है। हादसे के तुरंत बाद बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे उनकी जान को बचाने में मदद मिली। हालांकि, गंभीर रूप से झुलसे बच्चों की हालत अभी भी नाजुक है और डॉक्टर उनकी सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

राजस्थान में सार्वजनिक आयोजनों और शादी समारोहों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। प्रशासन और परिवार दोनों को मिलकर इस तरह के हादसों को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना जरूरी है।

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